छिंदवाड़ा में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: ट्राइबल विभाग का कर्मचारी 4 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, EMD राशि लौटाने के नाम पर मांग रहा था घूस

Major action by the Lokayukta in Chhindwara: Tribal Department employee arrested red-handed while accepting a bribe of ₹4,000; he had demanded the bribe in exchange for returning an EMD (Earnest Money Deposit) amount.

छिंदवाड़ा में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: ट्राइबल विभाग का कर्मचारी 4 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, EMD राशि लौटाने के नाम पर मांग रहा था घूस
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छिंदवाड़ा में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: ट्राइबल विभाग का कर्मचारी 4 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, EMD राशि लौटाने के नाम पर मांग रहा था घूस

छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस की टीम ने छिंदवाड़ा में एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित आदिवासी विकास विभाग (ट्राइबल डिपार्टमेंट) के कार्यालय में मंगलवार को लोकायुक्त की टीम ने अचानक दबिश देकर विभाग के कर्मचारी ललित अहिरवार को 4,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों धर दबोचा। कलेक्ट्रेट जैसे अति-संवेदनशील और मुख्य प्रशासनिक परिसर में लोकायुक्त की इस छापामार कार्रवाई से पूरे दफ्तर सहित कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत छात्रावास निर्माण से संबंधित एक कार्य की अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट (EMD / अमानत राशि) विभाग के पास जमा थी। कार्य पूर्ण होने के बाद नियमानुसार ठेकेदार को यह राशि वापस लौटाई जानी थी। लेकिन इस फाइल को आगे बढ़ाने और राशि रिलीज करने के एवज में विभाग में पदस्थ कर्मचारी ललित अहिरवार द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही थी।

फरियादी द्वारा कई बार चक्कर लगाने के बाद भी कर्मचारी बिना सुविधा शुल्क के काम करने को तैयार नहीं था। परेशान होकर पीड़ित ने पूरे मामले की लिखित शिकायत जबलपुर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दर्ज कराई।

योजना बनाकर बिछाया गया जाल

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले की प्राथमिक जांच कराई। जांच के दौरान कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त की विशेष टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। तय योजना के तहत मंगलवार को फरियादी को केमिकल लगे नोट देकर कलेक्ट्रेट स्थित ट्राइबल कार्यालय भेजा गया।

जैसे ही फरियादी ने दफ्तर के अंदर आरोपी कर्मचारी ललित अहिरवार को रिश्वत के 4 हजार रुपए थमाए, वैसे ही आसपास सादे कपड़ों में तैनात लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।

हाथ धुलवाते ही लाल हुआ पानी, भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत केस दर्ज

लोकायुक्त अधिकारियों ने मौके पर ही आरोपी कर्मचारी के हाथ पानी के विशेष घोल में धुलवाए, जिससे पानी का रंग तुरंत गुलाबी हो गया। आरोपी के कब्जे से रिश्वत में ली गई केमिकल युक्त नकदी भी विधिवत बरामद कर ली गई।

कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त टीम ने मौके पर मौजूद जरूरी फाइलों, संबंधित निर्माण कार्य के दस्तावेजों और अमानत राशि से जुड़े कागजातों को भी जब्त कर जांच में शामिल किया है। आरोपी कर्मचारी ललित अहिरवार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। विभाग में पदस्थ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कलेक्ट्रेट परिसर में मची खलबली

कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर ट्राइबल डिपार्टमेंट में लोकायुक्त की इस अचानक हुई कार्रवाई के बाद अन्य विभागों के कर्मचारियों और अधिकारियों में अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। लोगों का कहना है कि शासकीय विभागों में अमानत राशि (EMD) और बिल पास कराने के नाम पर कमीशनखोरी की शिकायतें लंबे समय से सामने आ रही थीं, जिस पर लोकायुक्त के इस एक्शन ने कड़ा प्रहार किया है।