हर-हर महादेव के गूंज उठे जयकारे

NRIs from America have significant presence

हर-हर महादेव के गूंज उठे जयकारे
CTN BHARAT ePAPER

- भगवान शिव का पूजन अभिषेक कर जत्था चौरागढ़ के लिए हुआ रवाना

- 3 क्विंटल के वजन का त्रिशूल चौरागढ़ पर होगा अर्पित

- अमेरिका से आये एनआरआई की रही महत्वपूर्ण उपस्थिति

जुन्नारदेव
इस आदिवासी अंचल जुन्नारदेव की सतपुड़ा की सुरम्य वादियों में इन दिनों महाशिवरात्रि मेले के अवसर पर हर हर महादेव के जयकारे का गुंजायमान होता दिख रहा है। इसी कड़ी में शनिवार को जुन्नारदेव नगर कि श्री श्री मनसा देवी दुर्गा उत्सव समिति वार्ड क्रमांक 7 एवं 8 तथा नगर के मीरानी परिवार के संयुक्त प्रयासों से लगभग 3 क्विंटल से अधिक वजन का त्रिशूल लेकर भक्तगण का दल पचमढ़ी के रास्ते चौरागढ़ की ओर रवाना हो गया। इस  यात्रा से पूर्व श्री माँ मनसा देवी दुर्गा उत्सव समिति के समस्त सदस्य एवं मीरानी परिवार के द्वारा स्थानीय श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर में  भगवान शिवजी का पूजन अभिषेक किया गया। तत्पश्चात हवन तथा आरती पश्चात भंडारे का आयोजन किया गया  इसके बाद यह दल नगर से 3 किलोमीटर दूर स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल पहली पायरी की ओर रवाना हो गया, जहां पर  भगवान शिव के मंदिर  में अपनी उपस्थिति प्रदान कर यह दल  तामिया कुआ बादला  से होते हुए पचमढ़ी पहुंचेगा। पचमढ़ी  के  हीवर मठ में पहुंच कर  यह दल  चौरागढ़ की चढ़ाई करेगा। यहां पर वह अपना यह विशालकाय आस्था का प्रतीक त्रिशूल को भगवान भोलेनाथ के चरणों में अर्पित करेगा।  इस दल में  विशेष रूप से अमेरिका के आप्रवासी भारतीय नागरिक भी शामिल हुए हैं।  इस दल में महेश मीरानी, भारत  मीरानी, वीरेंद्र मीरानी, गोवर्धन मीरानी, नवनीत वीरानी, अजय मीरानी, हर्षद मीरानी, नवीन मीरानी लवकुश सिकंदरपुरे, नीरज भमोरे, अरुण सोनी, संतोष सोनी, मोहन पटवा, स्वरूप कुमार भट्टाचार्य, राजू सनोडिया, मुकेश सिकन्द्रपुरे, संजय सिकंदरपुर, रितेश गुप्ता, संजय सिकंदरपुरे, राजू यादव, नवीन सिकंदरपुरे, संतु बंदेवार, जय खारवाल,  ओमप्रकाश पटवा, दुर्गेश भमोरे, हिमांशु भमोरे, मनोज यादव, विजय सिकंदरपुरे, शम्भू सिकन्दपुरे  सहित बड़ी संख्या में भक्तगण शामिल थे।

पचमढ़ी मार्ग से पहुंचेंगे चौरागढ़ -

लगभग 33 किलोमीटर से भी अधिक लंबी दूरी का पहली पायरी से भूरा भगत होते हुए चौरागढ़ का यह रास्ता अत्यंत ही दुर्गम और कठिन माना जाता है। एक अन्य विकल्प के मुताबिक होशंगाबाद के पचमढ़ी के हीवर मठ से भी चौरागढ़ पहुंचा जा सकता है। जुन्नारदेव नगर से पचमढ़ी पर्यटन स्थल की लगभग 109 किलोमीटर की यह दूरी भी भक्तगण आसानी से तय कर लेते हैं, लेकिन भगवान आशुतोष के इन भक्तों को थका देने वाली यह यात्रा अंततः बड़ी ही आसानी से पूरी कर अपनी मनोकामना को मानना या पूर्ण हो जाने पर उसका प्रसाद चढ़ाने दूर-दूर से लोग आते हैं। विदर्भ सहित पड़ोसी जिले सिवनी, बालाघाट, बैतूल से असंख्य संख्या में भगवान भोलेनाथ के भक्त लगातार यहां पधार रहे हैं।

अमेरिका से जुन्नारदेव पहुंचे ग्रीनकार्डधारी एनआरआई-
भगवान शिव के प्रति भक्तों की आस्था का बड़ा उदाहरण यहां उस समय देखने को मिला कि सात समुंदर पार संयुक्त राज्य अमेरिका यूएसए में स्थानीय नागरिक पलायन कर बीते कई वर्ष ग्रीनकार्डधारी बन चुके हैं। स्थानीय महादेव मेले की अपनी महत्ता और सिद्ध मनोकामना का ही यह बड़ा प्रमाण है कि वह हजारों किलोमीटर की लंबी हवाई दूरी को माफ कर वह जुन्नारदेव पहुंचे हैं। नगर के नागरिक महेश मीरानी वर्तमान में संयुक्त राज्य अमेरिका के ह्यूस्टन में निवासरत है, लेकिन उनकी भगवान भोलेनाथ के प्रति यह अगाध श्रद्धा ही है कि वह अपने परिवार के साथ अपने इस संयुक्त परिवार के कार्यक्रम में हिस्सा बनने के लिए यहां पहुंचे हुए है।