मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्कूली शिक्षा बनी मजाक - अभिभावक ले रहे 'टीसी'

मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्कूली शिक्षा बनी मजाक - अभिभावक ले रहे 'टीसी'

मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्कूली शिक्षा बनी मजाक - अभिभावक ले रहे 'टीसी'

मुख्यमंत्री के गृह जिले में स्कूली शिक्षा बनी मजाक शिक्षक के अभाव में अभिभावक सामूहिक रूप से बच्चों की टीसी लेने को मजबूर


हम बात कर रहे हैं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ जी के गृह जिले की तहसील चौरई के अंग्रेजी बालक माध्यमिक शाला चौरई की,  जमीनी हकीकत जहाँ कहने को तो चौरई का यह एक मात्र  अंग्रेजी माध्यम का शासकीय  स्कूल है जहां बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से उच्च शिक्षा दी जानी चाहिए थी लेकिन यहां पर छठवीं एवं आठवीं के बच्चों को अंग्रेजी एवं सामाजिक विज्ञान पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है विगत कुछ महीनों से अंग्रेजी एवं सामाजिक विज्ञान के शिक्षक ना होने के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में पड़ा हुआ है जिसके चलते विगत कई महीनों से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है जबकि इस वर्ष आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा होने के कारण बच्चों में पढ़ाई का दबाव बहुत अधिक बना हुआ है लेकिन शिक्षा विभाग की मनमानी एवं राजनीतिक उदासीनता के चलते शिक्षा विभाग बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ कर रहा हैं।

गौरतलब है की इस संस्था में सामाजिक विज्ञान एवं अंग्रेजी विषय के अध्यापन हेतु श्रीमती रानू सोनी की नियुक्ति की गई थी परंतु माह मार्च 2019 से उनको उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चंदनगांव जिला छिंदवाड़ा में संलग्न कर दिया गया है जिनका वेतन भी चौरई की संस्था से हो किया जा रहा हैं। जिसके चलते वर्तमान वर्ष में अंग्रेजी माध्यम में मात्र दो शिक्षक द्वारा ही समस्त विषयों का अध्यापन कराया जा रहा है जिससे अध्यापन में नियमितता बाधित हो रही है क्योंकि मात्र दो शिक्षकों को ही लगभग 18 पीरियड पड़ा पाना असंभव कार्य है  जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। जिससे व्यथित अभिभावकों ने मांग की है कि उक्त शिक्षिका का संलग्नी करण निरस्त किया जाए या उक्त विषयों के लिए अतिथि शिक्षक या अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक की नियुक्ति अति शीघ्र की जाए उक्त समस्या से व्यथित अभिभावकों ने सामुहिक रूप से की बच्चों की टी सी देने की मांग को लेकर स्थानीय विधायक, अनुविभागीय अधिकारी एवं संकुल प्राचार्य को ज्ञापन देकर की सामुहिक टी सी देने की मांग का ज्ञापन दिया हैं।

इस संबंध में क्या कहना इनका..

हमें बड़ी उम्मीदें थी कि चौरई में शासकीय अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खुल गया हैं जिसके लिए हमने अपने बच्चों का दाखिला इस स्कूल में करा दिया लेकिन अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक  के अभाव में आज हम अपने बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है इसलिए हम  सभी अभिभावक गण सामूहिक रूप से टीसी लेने को मजबूर है।

राजेश शर्मा चौरई (अभिभावक)

हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है ऐसे में हम करे तो क्या करे जबकि हम अपनी समस्या को लेकर पहले भी विधायक जी एवं संकुल प्राचार्य  के पास भी जा चुके पर अभी तक बच्चों की सुध किसे ने नही लिया इसलिए हम इस स्कूल से अपने बच्चों की टी सी निकलने पर विवश हैं।

जगदीश यादव चौरई (अभिभावक)

हमें आपके माध्यम से यह जानकारी लगी हैं जो कि एक गम्भीर विषय भी है हम संकुल प्राचार्य से चर्चा कर तत्काल अंग्रेजी माध्यम के शिक्षक की व्यवस्था करते हैं।

(मेघा शर्मा एसडीएम चौरई)