मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन

Mental health of the person of every field should be strong - Dr. Vijay Barse

मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन
रिपोर्ट - दीपक कोल्हे ( एडिटर ) CTN BHARAT

हर क्षेत्र के व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य सदृढ़ होना चाहिए - डॉ विजय बारसे 

एनजीओ द्वारा जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला का आयोजन - विश्वनाथ ओकटे ,जिप सीईओ ,एडीएम ने भी रखे विचार 

(बारसे जी के जीवन पर बनी फिल्म में अभिताभ बच्चन ने उनकी भूमिका निभाई है )

छिंदवाड़ा -हर क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्ति का  मानसिक स्वास्थ्य सदृढ़ रहना आवश्यक है ,व्यक्ति का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होगा उसका जीवन भी अच्छा होंगा ,खेल के क्षेत्र में भी खिलाडी का मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होना आवश्यक ,खेल के मैदान में जाने वाले खिलाडी मानसिक रूप से सक्षम रहे इसके पीछे मनोचिकित्स्क की अहम भूमिका होती है,अगर मैदान पर हमे विजय पाना हैं तो हमारा मानसिक तैयारी बेहततरीन होनी चाहिए ,मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्थाओं के प्रयास लोगो का जीवन बदल सकता हैं यह विचार स्लम सॉकर (झोपड़ पट्टी ) फुटबॉल के संस्थापक डॉ विजय बारसे ने शनिवार  ग्रामीण आदिवासी समाज विकास संस्थान द्वारा शहर के शांतिनाथ होटल में आयोजित जिला स्तरीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला में व्यक्त किए। कार्यशाला के उदघाटन कार्यक्रम में  कृषि विकास कल्याण परिषद के सदस्य विश्वनाथ ओक्टे , जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश ,अतिरिक्त कलेक्टर राजेश शाही , छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ रामटेके ,आरटीओ सुनील शुक्ला ,एसडीएम श्री शुक्ला ,मनोचिकित्सक डाॅ. विजया सकपाल ,संस्था प्रमुख श्यामराव धवले ,दिल्ली के मानसिक स्वास्थ्य सलाहकार डॉ विक्रम गुप्ता,तन्वी कांकन ,संस्था संचालक अजय धवले ,रीजनल  मेंटल हॉस्पिटल नागपुर के डॉ प्रवीण नवखरे ,समाजसेवी जीसी मालवीय ,राजेश शर्मा ,श्री बिंद्रा प्रमुखता से उपस्थित थे। श्री बारसे ने कहा कि झोपड़ पट्टी के बच्चे व्यसनों और अपराध की दुनिया से दूर रहे इसलिए उन्हें फुटबॉल सिखाना शुरू किया,चोरी ,नशा करने वाले झोपड़ पट्टी के बच्चे आज विदेशो में फुटबॉल मैच खेलने जाते है ,फुटबॉल ने हजारो बच्चो का जीवन बदल दिया। मेरे इन कार्यो को लेकर झुंड  नाम की फिल्म हाल ही में बनी हैं और उसमे मेरी भूमिका में अभिताभ बच्चन ने निभाई हैं। फिल्म 8 मई को आपके सामने आएगी। संस्था प्रमुख श्यामराव धवले ने संस्था द्वारा सौंसर क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य के लिए कार्यो की जानकारी दी।  कृषि विकास कल्याण परिषद के सदस्य विश्वनाथ ओक्टे ने कहा कि समान्य लोगों के लिए हर कोई कार्य करता है लेकिन मानसिक रोगियों के लिए कार्य करना पुण्य का कार्य हैं। राज्य सरकार दिव्यांगों के कल्याण के लिए कटिबद्ध हैं और संस्थाओ को हरसंभव मदद की जाएगी।  जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह नागेश ने कहा कि मानसिक रोगियों के बारे खुलकर चर्चा होनी चाहिए ,जामसांवली आने वाले मानसिक रोगियों के लिए प्रशासन और संस्था मिलकर कार्य करेंगे।  अतिरिक्त कलेक्टर राजेश शाही ने कहा कि स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य में अंतर् है ,दिव्यांगता को लेकर लोगों की सोच बदल रही है ,समाज की और से उन्हें सकारात्मक व्यवहार मिल रहा हैं।  संस्था द्वारा संचालित संजीवनी मानसिक स्वास्थ्य द्वारा समुदाय में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त व्यक्ति का समावेश सुनिश्चित करने में समाज की सहभागी भूमिका" इस विषय पर मानसिक स्वास्थ्य कार्यशाला में देश में मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य करने वाले डॉक्टर , विशेषज्ञ, एनजीओ के प्रतिनिधि के साथ मानसिक रोगियों के परिजनो विचार -विमर्श किया।  कार्यक्रम में विजय बारसे और मनोचिकित्सक डॉ विजया सपकाल और मानसिक रोगियों के देखभालकर्ता और ग्रामदूतो का  विशेष सम्मान किया  अतिथियों ने मानसिक रोगियों को बहुदिव्यांगता प्रमाण वितरित किये गए। संस्था दिव्यांगों और मानसिक रोगियों के पुनर्वास और सशक्तिकरण के लिए सौंसर, पांढुर्णा और छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में कार्य किया जा रहा है।