देश की सबसे बड़ी गन 'सारंग' का ​जबलपुर में सफल परीक्षण

देश की सबसे बड़ी गन 'सारंग' का ​जबलपुर में सफल परीक्षण, अब अंधेरे में भी करेगी दुश्मन पर वार

सफल टेस्ट के साथ ही जबलपुर पहला शहर बन गया है, जहां सारंग गन बनायी और मॉडिफाई की जा सकेगी. साथ ही इसी शहर में इसका सफल परीक्षण भी किय़ा जा सकेगा.


जबलपुर में पहली बार देश की सबसे बड़ी गन  सारंग का आज सफल परीक्षण  किया गया. लेपीआर (लॉन्ग प्रूफ रेंज) खमरिया में इसकी टेस्टिंग की गई. इस हाई कैलिबर गन  की मारक क्षमता को बढ़ाकर 39 किमी कर दिया गया है. इसके सफल टेस्ट के साथ ही जबलपुर  पहला शहर बन गया है, जहां सारंग गन बनायी और मॉडिफाई  की जा सकेगी. साथ ही इसी शहर में इसका सफल परीक्षण भी किय़ा जा सकेगा.

सरकार को बचेंगे 100 करोड़ से ज्यादा रुपए

सारंग गन की साढ़े 14 किमी लंबी लेपीआर में सफल टेस्टिंग की गई. सेना के अधिकारी के मुताबिक, करीब 14 महीने की कड़ी मेहनत के बाद इस हाई कैलिवर गन की टेस्टिंग की गई. इसके बाद इसे सेना को सौंपा जाएगा. जबलपुर में गन का परीक्षण होने के कारण अब बाहर टेस्टिंग में होने वाले 100 करोड़ से ज्यादा के खर्च की भी बचत होगी. इससे पहले धनुष सहित सारंग गन की टेस्टिंग के लिए इटारसी या बालासोर जाना पड़ता था.

सारंग गन की साढ़े 14 किमी लंबी लेपीआर (लॉन्ग प्रूफ रेंज) में सफल टेस्टिंग की गई. सेना के अधिकारी के मुताबिक, करीब 14 महीने की कड़ी मेहनत के बाद इस हाई कैलिवर गन की टेस्टिंग की गई. इसके बाद इसे सेना को सौंपा जाएगा. जबलपुर में गन का परीक्षण होने के कारण अब बाहर टेस्टिंग में होने वाले 100 करोड़ से ज्यादा के खर्च की भी बचत होगी. इससे पहले धनुष सहित सारंग गन की टेस्टिंग के लिए इटारसी या बालासोर जाना पड़ता था.

इस गन की खासियत रात के अंधेरे में भी करेगी दुश्मन पर वार

सारंग गन को अपग्रेड किया गया है. पहले इस गन का बैरल 130 MM का था, जो अपग्रेड के साथ 155 MM का हो गया है. वहीं, इसकी मारक क्षमता को भी 27 किमी से बढ़ाकर 39 किमी कर दिया गया है. अब यह गन रात के अंधेरे में भी कारगर साबित होगी. रात में भी सैनिक इस गन का दुश्मन पर इस्तेमाल कर सकेंगे.