आपदा को प्रचार का अवसर बनाने में भी पीछे नहीं छिन्दवाड़ा विधायक-सांसद

Kamal Nath-Nakulnath arrived to take care of Chhindwara after hundreds of deaths in the second phase of the Corona disaster.

आपदा को प्रचार का अवसर बनाने में भी पीछे नहीं छिन्दवाड़ा विधायक-सांसद
रिपोर्ट। दीपक कोल्हे, एडिटर

आपदा को "प्रचार का अवसर" बनाने में भी पीछे नहीं छिन्दवाड़ा "विधायक-सांसद"

कोरोना आपदा के दूसरे चरण में सैकड़ों मौतों के बाद छिन्दवाड़ा की सुध लेने पहुंचे कमलनाथ-नकुलनाथ

छत्तीसगढ़ राज्यपाल सुश्री अनुसुइया उईके ने दिए छिंदवाड़ा जिले को 49 रेमेडेसिवर इंजेक्शन

छिन्दवाड़ा। राजनीति की बुलंदियों के साथ अपने हथकंडों के लिए भी पहचाने जाने वाले "कमलनाथ" कोरोना जैसी वैश्विक आपदा को "प्रचार का अवसर" बनाने में भी पीछे नहीं है। एक ओर जहां प्रदेश की तुलना में छिन्दवाड़ा जिले में कोरोना अधिक भयाभय होकर सामने आया है, वहीं सैकड़ों मौतों के बाद छिन्दवाड़ा की सुध लेने विधायक कमलनाथ अपने सांसद पुत्र नकुलनाथ के साथ छिन्दवाड़ा पहुंचे। जहां इस दौरान उन्होंने अपनी 3 घंटे के "कोरोना पर्यटन" में 50 हज़ार फबीफ्लू की गोलियां और लगभग 200  रेमेडेसिवर इंजेक्शन को  जिले को समर्पित किए। हालांकि इन दिए गए रेमेडेसिवर इंजेक्शन की व्यवस्था के लिए अपनाएं गए तरीकों पर सवाल स्वास्थ्य विभाग से लेकर जानकार भी उठा रहे हैं।

छिन्दवाड़ा जिले के माध्यम से पिछले 40 साल से राजनीति की रोटियां सेंकने के बाद भी इस संकट में "आपदा प्रबंधन समिति" का बहिष्कार करने वाली कांग्रेस अपने आका के हाथों लगभग 200 इंजेक्शन वितरित करवाकर नगरीय निकाय चुनावों की जमीन तलाश रही है, जबकि पड़ोस के जिले जबलपुर में भाजपा सांसद अपनी सांसद निधि से 10 हज़ार रेमेडेसिवर इंजेक्शन वितरित कर कोरोना से लड़ने में अपना सहयोग दे रहे हैं।

10 हज़ार बनाम 200 से दिखती सेवा की भावना

ये लड़ाई केवल एक जिले या राज्य की नहीं है बल्कि पूरे विश्व की है और इस कोरोना महामारी में पूरे विश्व ने अपने और अपनों को खोने का जो गम नजदीक से देखा है वह और किसी ने नहीं देखा है। ऐसे में राजनीति करना भी अनूचित ही होगा, क्योकि हम सब देख रहे है की प्रदेश में भले ही छिंदवाड़ा क्षेत्रफल में पुरे मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा जिला क्यों ना हो, परन्तु जनसंख्या में बहुत पीछे है। उसके हिसाब से जिले के कोरोना मरीज के पॉजिटिव के आकड़े की बात करे या मृतक की बात करे तो  पुरे प्रदेश में सबसे भयानक है ये वास्तविस्ता है जिसे हमें और आपसे प्रशासन ने छुपा के रखा है और केवल और केवल अपनी वाहवाही या फिर कहे लापरवाही को लेकर। 

आपको बता दे की  छिंदवाड़ा जिले के 9 बार रहे  सांसद, पूर्व मुख़्यमंत्री और वर्तमान में मध्यप्रदेश के कांग्रेस अध्यक्ष और साथ में छिंदवाड़ा विधानसभा के विधायक कमलनाथ और उनके ही सुपुत्र एकमात्र मध्यप्रदेश के निर्वाचित छिंदवाड़ा लोकसभा से सासंद नकुलनाथ जिन्होंने छिंदवाड़ा जिले में हो रहे सैकड़ो की तादाद में  कोरोना पॉजिटिव, एवं सेकडो की तादाद में अपनों को खोने का गम को झेल रहे लोगो का हाल जानने के लिए महज विगत कई महीनो के बाद छिंदवाड़ा पहुंचे विधायक और सांसद केवल 3 घंटे ही बिताये। इससे क्या आप समझ सकते है आप छिंदवाड़ा की जनता ही जाने। 

गौरतलब है की कुछ दिन पूर्व छिंदवाड़ा से लगे महज 250 किलोमीटर के जिला जबलपुर के भाजपा सांसद राकेश सिंह ने उनके जिले वासियो को रेमेडेसिवर इंजेक्शन के 10000 डोस अपने सांसद निधि से उपलब्ध कराने की अधिकृत घोषणा की थी जो लगभग पूरा भी हो चूका है वही हमारे छिंदवाड़ा जिले की 40 साल से छिंदवाड़ा में राज कर रहे कमलनाथ ने रेमेडेसिवर इंजेक्शन महज 500 का भी आकड़ा पार नहीं कर पाए, इससे क्या अंदाजा लगाए।