मंत्री स्थापना में चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति में आयु सीमा 18 से 60 वर्ष हुई जबकि शासकीय सेवकों की अधिवार्षिकीय आयु पूर्ववत 62 वर्ष रहेगी
The age limit for the appointment of the fourth class in the establishment of the minister was 18 to 60 years, while the official age of the government servants will be 62 years.
मंत्री स्थापना में चतुर्थ श्रेणी की नियुक्ति में आयु सीमा 18 से 60 वर्ष हुई जबकि शासकीय सेवकों की अधिवार्षिकीय आयु पूर्ववत 62 वर्ष रहेगी...
भोपाल। राज्य शासन द्वारा मंत्री स्थापना में चर्तुथ श्रेणी की नियुक्ति में आयु सीमा को बढ़ाकर 18 से 60 वर्ष की गई है। पूर्व में नियुक्ति के लिये आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित थी।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा उक्त संदर्भ में स्पष्टीकरण जारी कर यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी श्रेणी के शासकीय सेवकों की अधिवार्षिकीय आयु में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। अधिवार्षिक आयु पूर्ववत 62 वर्ष ही रहेगी।
मध्यप्रदेश सचिवालय (चर्तुथश्रेणी) सेवा भर्ती नियम 1987 में पूर्व प्रावधान अनुसार मंत्री स्थापना में चर्तुथ श्रेणी की नियुक्ति मंत्रियों की इच्छानुसार की जाएगी। जिसकी अवधि मंत्री के कार्यकाल अथवा उनके सेवा समाप्त करने तक सीमित होगी। इसमे आयु सीमा एवं शैक्षणिक योग्यता संबंधी निर्धारित शर्ते भी लागू होगी। नियुक्ति आयु सीमा के संबंध में म.प्र. शासन सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र 4 जुलाई 2019 द्वारा आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर वर्तमान अधिसूचना 29 अक्टूबर 2020 द्वारा 18 से 60 वर्ष किया गया है।
आपको बता दे की आज सुबह पूर्व मुख़्यमंत्री एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के गलत ट्वीट से कर्मचारियों में हड़कंप मचने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का बयान सामने आया था । जिसमे मुख्यमंत्री शिवराज ने ट्वीट कर लिखा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने ऐसा कोई भी आदेश पारित नहीं किया है। यह पूर्णतः असत्य है कि हमने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु घटाई है। वो आज भी 62 वर्ष ही है।


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