पहले से और ज्यादा सावधान रहने की जरुरत, कभी भी बढ़ सकता है कोरोना का ग्राफ...
Nagpur, Amravati, Bhopal, Indore and Jabalpur are now a major threat to Chhindwara.
पहले से और ज्यादा सावधान रहने की जरुरत, कभी भी बढ़ सकता है कोरोना का ग्राफ...
नागपुर, अमरावती, भोपाल, इंदौर और जबलपुर अब छिन्दवाड़ा के लिए बने बड़ा खतरा...
रेड जोन वाले जिलो और राज्यो से आवागमन की अनुमति ने बढ़ाई छिन्दवाड़ा की परेशानी...
आने वाला समय प्रशासन के लिए हो सकता है कई चुनोतियो से भरा...
छिंदवाड़ा I ज्ञात हो की दो दीन पूर्व प्रदेश सरकार ने एक आदेश जारी करते हुए आवाजाही की अनुमति के नियमो में बदलाव कर दिया है, पहले अन्य जिलो और राज्यो के लोगो को ऑरेंज और ग्रीन जोन में ही आवाजाही की अनुमति दी गई थी मगर अब उसमे संशोधन कर प्रदेश के रेड जोन सहित अन्य राज्यो के रेड जोन से भी ई पास के माध्यम से आवाजाही की अनुमति दिए जाने के नए दिशा निर्देश सरकार द्वारा दिए गए है, इसके बाद अब छिन्दवाड़ा में कोरोना के फैलने का खतरा पहले से और ज्यादा बढ़ गया है ऐसी स्थिति में अब नागरिको को पहले से और ज्यादा सावधान रहने की जरुरत है, छिन्दवाड़ा को सबसे ज्यादा खतरा इंदौर, भोपाल, जबलपुर और महाराष्ट्र के नागपुर एव अमरावती शहर से है ये सभी शहर वर्तमान में कोरोना के हॉट स्पॉट है एव सभी रेड जोन में शामिल है और वही इन शहरो से बड़ी संख्या में लोग छिन्दवाड़ा आते जाते है, ऐसे में अब आगे आने वाले दिनों में लोगो के साथ साथ स्थानीय प्रशासन को भी कई चुनोतियो का सामना करना पड़ सकता है, इन मे से किसी भी शहर से अगर एक भी कोरोना संक्रमित मरीज छिन्दवाड़ा आ जाता है तो ये आने वाले दिनों में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है, कोरोना का खतरा अब पहले से कही ज्यादा बढ़ गया है, जरा सी लापरवाही बड़ा कोरोना विस्फोट कर सकती है और जरा सी चूक छिंदवाड़ा जिले को ऑरेंज से रेड जोन में भी बदल सकती है, रेड जोन वाले जिलो से आने वाले लोगो पर अब विशेष फोकस किये जाने की जरुरत है। वही कोरोना महामारी के चलते विभिन्न यात्री परिवहन व्यवस्था भी स्थगित की गई है लोगो के पैदल आवाजाही पर भी अगले आदेश तक रोक है, इस वक्त छिन्दवाड़ा में कोरोना के 5 पॉजिटिव मरीज है इसमें से इलाज के दौरान विगत दिनों एक की मौत हो चुकी है और दो लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके है तो वही दो लोगो का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिले में कोरोना संक्रमण को देखते हुए इससे बचाव के लिए छिन्दवाड़ा जिला प्रशासन द्वारा भी अनेको कदम उठाये जा रहे है, प्रशासन द्वारा दावा किया जा रहा है की जिले की सभी सीमाये सील कर दी गई है और किसी भी बाहरी व्यक्ति को जिले में प्रवेश की अनुमति नही है, वाहनों के साथ लोगो के पैदल आवागमन पर भी पूर्णतः रोक लगा दी गई है, मगर कही न कही प्रशासन का दावा झुटा साबित हो रहा है हम ऐसा इसलिए कह रहे है क्योंकि सीमाये सील होने के बावजूद अब भी बड़ी संख्या में बाहरी लोगो का जिले के अंदर आना प्रवेश जारी है, भले ही मुख़्य मार्गो में पुलिस की तैनाती कर पैदल और वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई गई हो बावजूद जंगल और रेल्वे पटरी के रास्ते अब भी जिले भर में अन्य राज्यो एव अन्य जिलो के लोगो का आवागमन लगातार जारी है, विशेष कर बाहरी लोगों का जिले के अंदर आना कही न कही कोरोना के खतरे को कम करने की बजाय बढ़ाता ही जा रह है, प्रशासन को चाहिए की वो बाहरी लोगो की इस अंदरुनी रास्तो से जारी आवाजाही पर तत्काल सख्ती से रोक लगाये अन्यथा आगे आने वाले दिनों में ये लापरवाही जिले के लाखो लोगों पर भारी भी पड़ सकती है, कही अगर एक भी कोरोना पॉजिटिव धोके से जिले के अंदर प्रवेश कर गया तो ये प्रशासन और आमजन के लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है एव स्थिति बिगड़ भी सकती है, ज्ञात हो की छिन्दवाड़ा से महाराष्ट्र नागपुर की सीमा लगी हुई ऐसे में यहा सबसे ज्यादा ध्यान दिए जाने की जरुरत है।



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