कोरोना पूरी तरह गया नहीं और एक नई मुसीबत के रूप में Black Fungus लक्षणों के प्रकरणों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी 

Black Fungus increases concern with Corona, patients' eyesight is increasing

कोरोना पूरी तरह गया नहीं और एक नई मुसीबत के रूप में Black Fungus लक्षणों के प्रकरणों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी 
रिपोर्ट। दीपक कोल्हे, एडिटर

कोरोना के साथ Black Fungus ने बढ़ाई चिंता, जा रही है मरीजों की आंखों की रोशनी 

  • कोरोना पूरी तरह गया नहीं और एक नई मुसीबत के रूप में Black Fungus लक्षणों के प्रकरणों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी....
  • ब्लैक फंगस के उपचार के लिए 5 मेडिकल कॉलेजों में बनेंगे विशेष वार्ड....
  • मध्यप्रदेश सरकार ने किया विशेषज्ञों और ग्रुप ऑफ़ ऑफिसर के साथ विचार-मंथन....

 
भोपाल डेस्क रिपोर्ट । विश्व व्यापी इस कोरोना महामारी ने आज पूरे देश की अर्थवव्यस्था को लाचार कर के रख दिया है, लोग ना ढ़ग से जी पा रहे है और ना ही मरने पर 2 गज जमीं नसीब हो पा रही है ऐसे में एक और नई बीमारी का नाम सुनते ही लोगो में फिर से डर का माहौल बनते देखा जा रहा है।  हम अगर मध्यप्रदेश की बात करे तो इस नई बीमारी जिसे ब्लैक फंगस Black Fungus के नाम से जाना जा रहा है इस बीमारी के 50 से भी ज्यादा मरीजों की प्रदेश में पुष्टि की गई है सोचने वाले बात यहाँ है की ये बीमारी अभी सिर्फ उन लोगो में देखने को मिल रही जो हाल ही कोरोना से ठीक होकर अपने घर गए थे फिलहार उन सभी को डॉक्टरों की निगरानी में लगातार रखा गया है।  इस ब्लैक फंगस बीमारी में पीड़ित के आंख, गाल और नाक के नीचे लाल हो जाता है. शरीर में दर्द, बुखार, खांसी, सिर दर्द, सांस लेने में दिक्कत, खून की उल्टी, मानसिक स्वास्थ्य पर असर, देखने में दिक्कत, दांतों में दर्द, सीने में दर्द इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं. जो मरीजों में देखने को मिल रहे है। वही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि ब्लैक फंगस के प्रकरणों की जल्द पहचान के लिए संपूर्ण प्रदेश में तत्काल व्यापक स्तर पर अभियान चलाने की आवश्यकता है। प्रत्येक वार्ड और ग्रामस्तर पर ब्लैक फंगस के प्रकरणों की तत्काल पहचान के लिए आवश्यक रणनीति विकसित कर एडवाइजरी जारी की जाए। इससे ऐसे प्रकरणों में तत्काल उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्लैक फंगस Black Fungus से पीड़ित मरीजों की जानकारी लगातार मिल रही हैं। सरकार इन सब मरीजों का नि:शुल्क इलाज कराएगी। शासन ने पाँच मेडिकल कॉलेज भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर और रीवा में ब्लैक फंगस के इलाज के लिए विशेष वार्ड बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ब्लैक फंगस की लक्षणों के बारे में आम जनता को सरल भाषा में बताया जाए। राज्य शासन के अधिकारी विशेषज्ञों से चर्चा कर इस बीमारी को शुरूआत में ही पहचानने और इलाज के तरीकों के संबंध में एडवाइजरी तैयार करें और जनता तक पहुँचाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ब्लैक फंगस बीमारी के इलाज के लिए दवाईयों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने केन्द्र सरकार और दवा बनाने वाली कम्पनियों से इंजेक्शन की आपूर्ति के संबंध में चर्चा की है और शीघ्र ही आवश्यक दवाईयाँ उपलब्ध हो जाएंगी।