COVID-19 : बगैर हथियार के कैसे जंग जीतेंगे डॉक्टर और हॉस्पिटल के सिपाही 

Doctors are also at higher risk of spreading the infection through a person infected with the corona virus. This is the reason that a special kind of suit has been made to protect doctors from infection, but this suit is not available in many places including the district.

COVID-19 : बगैर हथियार के कैसे जंग जीतेंगे डॉक्टर और हॉस्पिटल के सिपाही 
रिपोर्ट - दीपक कोल्हे ( एडिटर )

Coronavirus Safety Tips : जानें क्या है PPE सूट? जिसे पहनकर कोरोना पीड़ितों का इलाज करना जरुरी है डाक्टरों का ....

कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के जरिए संक्रमण फैलने का खतरा डॉक्टरों को भी अधिक होता है। यही वजह है कि डॉक्टरों को संक्रमण से बचाने के लिए एक खास तरह का सूट बनाया गया है।

कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहने के लिए सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत डॉक्टरों को ही है। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के इलाज और देखभाल के दौरान अभी तक दुनिया भर से कई ऐसे डॉक्टर के नाम सामने आएं हैं, जो इससे संक्रमित हो चुके हैं। हालांकि डॉक्टरों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक खास तरह का सूट तैयार किया गया है परन्तु इस सूट की प्रदेश सहित पुरे भारत में भारी कमी है जिसके चलते डॉक्टरों में भी भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है  हमें तो सलाम करना चाहिए उन जाबाज डॉक्टर और नर्स को जो विपरीत परिस्थिति में भी अपने हुनर से इस देश में लगातार सेवा प्रधान कर रहे है। 

 

आइये आपको इस सूट की सारी खासियत के बारे में बताते है -

क्या है PPE सूट और इसका फुल फॉर्म - इस सूट का नाम पीपीई सूट (PPE Suit) है। इसका फुल फॉर्म पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट (Personal protective equipment) है। नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ के अनुसार, पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्विपमेंट को विशेष तौर से डिजाइन किया जाता है जो किसी गंभीर बीमारी या फिर सर्जरी के इलाज के दौरान पहनने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह स्थितियां विभिन्न प्रकार की हो सकती हैं जो आप को केमिकल रेडियोलॉजिकल, फिजिकल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इन्फेक्शन आदि से बचाने के काम आती है। हालांकि इसके कई प्रकार होते हैं जो किसी व्यक्तिगत इंसान के आंख, कान, त्वचा, हाथ, पैर, सिर और पूरे शरीर को सुरक्षित रखता है।

​कितने लेवल के होते हैं PPE - यह पीपीई 4 लेवल के लिए तैयार किए जाते हैं, जिसको चार वर्गों में बांटा गया है। लेवल ए, लेवल बी, लेवल सी, लेवल डी। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहने के लिए 'लेवल ए' की पीपीई का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें रेस्पिरेट्री सिस्टम से लेकर जूतों को प्रोटेक्टिव बनाने के लिए कवर तक शामिल होते हैं। यह वायरस को शरीर के संपर्क में आने से रोकने का काम करते हैं। यही वजह है कि कोरोना वायरस के संक्रमण से बचे रहने के लिए पीपीई डॉक्टरों के द्वारा पहनने के लिए इस्तेमाल की जा रही है।

​क्या-क्या शामिल होता है पीपीई में - COVID -19  के संक्रमित व्यक्ति का इलाज करने के दौरान डॉक्टरों के द्वारा इस सूट को पहनने से संक्रमण का खतरा बिल्कुल ना के बराबर होता है लेकिन फिर भी इसे पहनने के दौरान कई सावधानियां बरतनी जरूरी होती हैं। पीपीई सूट में आंखों के लिए चश्मा, विशेष रूप से तैयार किया गया माउथ मास्क, चेहरा ढकने के लिए एक विशेष प्रकार की शील्ड, हेड कवर, हाथों के लिए ग्ल्वस, जूतों के लिए कवर, शरीर को पूरी तरह से ढकने वाला सूट जैसे जरूरी प्रोटेक्टिव चीजें शामिल होती हैं।

कैसे सुरक्षित रखता है यह सूट - डॉक्टर और नर्स को कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के पास जाने से पहले और उसके इलाज के दौरान इस सूट को पहनना बेहद जरूरी है। दरअसल, यह सूट डॉक्टर और नर्स को कई लेयर की सुरक्षा प्रदान करता है जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने में मदद मिलती है। बेहतरीन वैज्ञानिक तरीकों से तैयार किया गया यह सूट रेस्पिरेटरी सिस्टम को सबसे ज्यादा सुरक्षा प्रदान करता है।

डॉक्टर और नर्स के लिए क्यों जरूरी है ये सूट - आपको यह पता है कि कोरोना वायरस का संक्रमण रेस्पिरेट्री सिस्टम के जरिए ही शरीर में पहुंचता है। इतना ही नहीं जब कोई संक्रमित व्यक्ति हवा में खांसता या छींकता है तो उसकी ड्रॉपलेट्स हवा में मौजूद रहती है, जिमसें वायरस भी मौजूद होते हैं। अगर डॉक्टर या नर्स उस दौरान बिना किसी मास्क या सूट के उस जगह पर मरीज के पास मौजूद रहेंगे तो वायरस उनके शरीर पर और रेस्पिरेटरी सिस्टम के संपर्क में आ सकते हैं, और उन्हें भी संक्रमण हो सकता है। यही वजह है कि संक्रमित व्यक्ति के इलाज के दौरान यह सूट पहनना बेहद जरूरी है।