विश्व कैंसर दिवस

• वैश्विक स्तर पर प्रतिवर्ष 9.6 मिलियन लोग कैंसर से मर जाते हैं तथा वर्ष 2030 तक इस संख्या के लगभग दोगुने होने का अनुमान है। • कम से कम एक तिहाई सामान्य कैंसर निवारण योग्य हैं। • विश्व में कैंसर मृत्यु का दूसरा प्रमुख कारण है। • तंबाकू उपभोग इकहत्तर प्रतिशत फेफड़ों के कैंसर से होने वाली मृत्यु से जुड़ा है तथा यह सब प्रकार के कैंसरों से होने वाली मृत्यु में से कम से कम बाईस प्रतिशत के लिए उत्तरदायी है। • पुरुषों में सबसे सामान्य प्रकार के कैंसर- फेफड़े, प्रॉस्टैटट, कोलोरेक्टल (पेट के कैंसर या बड़ी आंत्र के कैंसर को कोलोरेक्टल कैंसर कहा जाता है), अमाशय और यकृत कैंसर हैं तथा महिलाओं में सबसे सामान्य प्रकार के कैंसर- स्तन, कोलोरेक्टल, फेफड़े, गर्भाशय ग्रीवा और थायरॉयड कैंसर हैं। • भारत में पांच सबसे अधिक होने वाले कैंसर- स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर या ग्रीवा का कैंसर, मुंह का कैंसर, फेफड़े और कोलोरेक्टल कैंसर हैं।

विश्व कैंसर दिवस
रवि शिवहरे

विश्व कैंसर दिवस

प्रतिवर्ष 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस के रूप में मनाया जाता है । लोगों को इसके प्रति जागरूक करना बेहद आवश्यक है। क्योंकि कैंसर जिसका नाम सुनते ही एक स्वस्थ व्यक्ति भी भयभीत हो जाता है। क्योंकि अपने जीवन में वो कहीं न कहीं कैंसर रोगी से जरूर मिला होगा और कैंसर से लड़ते हुए उस रोगी की स्थिति को देख डर गया होगा और उसके मन में यह विचार उत्पन्न हुआ होगा।कि कहीं मुझे अपने जीवन में इस बीमारी का सामना ना करना पड़े ।जब एक स्वस्थ व्यक्ति कैंसर से पीड़ित रोगी को देखकर उसमें स्वयं की कल्पना करते हुए मृत्यु का सोच लेता है ।तो कैंसर रोगी के लिए कितना मुश्किल होता होगा इस बीमारी से लड़ना कितना मुश्किल होगा अपने मनोबल और आत्मविश्वास को बनाए रखना ।इसी भय को दूर करने और लोगों को कैंसर के प्रति सही जानकारी देने के लिए विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है ।अंतर्राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण संघ ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में वर्ष 1933 को पहली बार विश्व कैंसर दिवस मनाया था।

कैसे मनाया जाता है विश्व कैंसर दिवस

इस बीमारी को रोकने और बचाव के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है ।जिसमें सरकारी संस्था और गैर सरकारी संस्था द्वारा कैंप,रैली,भाषण एवं विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों को कैंसर की जानकारी दी जाती हैं। इस पूरे कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक को जागरूक करना होता है ।जिसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह जानकारी पहुंच सके। एक अनुमान के अनुसार दुनिया में प्रतिवर्ष 76 से 80 लाख लोगों की मौत का कारण है ये कैंसर और आने वाले वर्षों में ये आकड़ा और न बड़े। इसलिए यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल (यूआईसीसी)कैंसर संस्थानो के साथ मिलकर पूरी कोशिश कर रही है कैंसर को रोकने के लिए।

विश्व कैंसर दिवस थीम

कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले प्रयासों से काफी सफलता मिल रही है ।इस लिए प्रतेक वर्ष इसे एक थीम के साथ मनाया जाता था।2007 से लेकर 2015 तक प्रतिवर्ष इसे अलग-अलग थीम के साथ मनाया जाता था ।लेकिन 2016 से एक थीम की अवधि 3 वर्ष तक कर दी गई।

2016 से 2018-'वी कैन आई कैन' यह टीम थी।
2019 से 2021-'आई एम एंड आई विल'यह थीम चलेगी।

कैंसर के लक्षण और इसकी अवस्थाएं

शरीर में किसी भी हिस्से की कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि होना। जिसे गांठ (लम्प)कहते हैं। देखा जाए तो अबुर्द (ट्यूमर)दो प्रकार के होते हैं। (बिनाइन, मैलिगनेन्ट) बिना इन ट्यूमर एक ही स्थान पर सीमित रहता है। जबकि मैलिगनेन्ट एक स्थान से शरीर के दूसरे भाग तक फैल जाता है। सामान्यता महिलाओं में गर्भाशय,स्तन कैंसर और पुरुष में मुख एवं प्रोस्टेट कैंसर की संख्या ज्यादा देखी जाती है ।कैंसर के मुख्य चार अवस्थाएं होती हैं। पहली और दूसरी अवस्था में कैंसर जिस स्थान में विकसित हुआ है उसी स्थान को प्रभावित करता है ।तीसरी अवस्था में पूर्ण विकसित हो चुका होता है और चौथी अवस्था में विकसित होते हुए शरीर के बाकी अंगों में फैलना शुरू हो जाता है।

'हल्दी' रखेगी हेल्थी

एंटीसेप्टिक, एंटी इन्फ्लेमेटरी,एंटीवायरल और एंटीबायोटिक गुणों के साथ-साथ अपने औषधीय गुणों के लिए भी मशहूर है। हल्दी का धार्मिक महत्व भी है। हल्दी वाले दूध के फायदे हर कोई जानता है। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने हल्दी की एक और विशेष गुण को पहचाना है। कि हल्दी कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचाती है और कैंसर को ख़त्म करने में सहायक भी हैं।हल्दी में मौजूद 'करक्यूमिन' नामक पदार्थ पाया जाता है।जिसमें कैंसर से लड़ने की क्षमता होती है।अमेरिका ने भी इससे स्वीकारा है और ज्यादातर अमेरिकन अपने डेली रूटीन में हल्दी को ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं कितने गुणों से भरपूर है ये हल्दी।

क्या है बचाओ कैंसर से

कैंसर की जानकारी और जागरूकता ही कैंसर से बचाव का तरीका है। भये और मित्य ने कैंसर   को और भयानक बना दिया है।जरूरी है कि हमें इससे बचने के जो उपाय बताए जाते हैं। उसे नजरअंदाज ना करें।ये ना कहें कि वो व्यक्ति इतने दिनों से तंबाकू और बाकी नशा करता है। उसे कुछ नहीं हुआ तो हमें क्या होगा।यही धारणा सबसे गलत है। सिगरेट से लेकर शराब सब पर चेतावनी के तौर पर साफ लिखा होता है। फिर भी अनदेखा करके धड़ल्ले से रोजाना इस्तेमाल करना।इसी गलत धारणा को खत्म करके ही कैंसर पर जीत हासिल की जा सकती है।इसलिए सही जानकारी ही कैंसर से बचाव है और हर नागरिक को जागरूक होना आवश्यक है। क्योंकि यह जीवन अनमोल है और स्वस्थ शरीर सबसे बड़ा धन है।