राष्ट्रीय बालिका दिवस National Girl's Day

आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग।

राष्ट्रीय बालिका दिवस National Girl's Day
National Girl's Day

इसलिए मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस, पर क्या इतना ही काफी है ?

आज की बालिका जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़ रही है चाहे वो क्षेत्र खेल हो या राजनीति, घर हो या उद्योग। एशियन खेलों के गोल्ड मैडल जीतना हो या राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के पद पर आसीन होकर देश सेवा करने का काम हो।

देश में 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत 2009 से की गई। राज्य शासन के निर्देशानुसार इसके लिए 24 जनवरी का दिन चुना क्योंकि यही वह दिन था जब 1966 में इंदिरा गांधी ने भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी। इस अवसर पर सरकार की और से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। समाज में बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक बनाने के लिए अनेको आयोजन होते हैं।

भारत में पुरुषों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। भारत में हर साल तीन से सात लाख कन्या भ्रूण नष्ट कर दिये जाते हैं। इसलिए यहां महिलाओं से पुरुषों की संख्या 5 करोड़ ज्यादा है। सोनोग्राफी के प्रचलन से लड़के की चाह रखने वाले लोगों को वरदान मिल गया और कन्या भ्रूण की पहचान कर हत्या की शुरुआत हुई। इस प्रकार से पहचान कर कन्या भ्रूण की हत्या के कारण भारत में पुरुषों की संख्या में तेजी से उछाल आया। समाज में निरंतर परिवर्तन और कार्य बल में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के बावजूद रूढ़िवादी विचारधारा के लोग मानते हैं कि बेटा बुढ़ापे का सहारा होगा और बेटी हुई, तो वह अपने घर चली जायेगी। बेटा अगर मुखाग्नि नहीं देगा, तो कर्मकांड पूरा नहीं होगा।

हम अनेकों अवसरों पर कन्या का पूजन करते हैं लेकिन जब खुद के घर बालिका जन्म लेती है तो मातम का माहौल बना लेते हैं। यह हालात भारत के हर हिस्से में हैं। हरियाणा और राजस्थान के हालात तो इतने खराब हैं कि यहां बच्चियों को अभिशाप तक माना जाता है। कन्याओं को अभिशाप मानने वाले यह भूल जाते हैं कि वह उस देश के वासी हैं जहां देवी दुर्गा को कन्या रूप में पूजने की प्रथा है। जो लोग कन्याओं को बोझ मानते हैं उन्हें ही सही मार्ग बताने और कन्या-शक्ति को जनता के सामने लाने के लिए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है।