कंस्ट्रक्शन की मनमानी से रहवासी परेशान, पैदल चलना भी मुश्किल, विकास हो रहा या विनाश ! समझ से परे

Residents upset due to arbitrary construction, difficult to walk, development or destruction! beyond comprehension

कंस्ट्रक्शन की मनमानी से रहवासी परेशान, पैदल चलना भी मुश्किल, विकास हो रहा या विनाश ! समझ से परे
रिपोर्ट। दुर्गेश नरोटे, छिंदवाड़ा

कंस्ट्रक्शन की मनमानी से रहवासी परेशान, पैदल चलना भी मुश्किल, विकास हो रहा या विनाश ! समझ से परे

छिंदवाड़ा - छिंदवाड़ा नगर पालिका से निगम बनते ही करोडो के बजट से शहर की लगभग सभी रोडो को सीमेंटीकृत कर छिंदवाड़ा क्षेत्र को खूबसूरत बनाया गया था, परन्तु  सीवर लाईन के नाम पर शहर की सड़कों को खोदने का काम लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन द्वारा पूरी ही शिद्दत से किया जा रहा है, लेकिन खुदी हुई इन सड़कों को वापस बनाना तो छोड़ो कई जगह हालत यह है कि एक साल पहले बनी नई सड़के अब चलने लायक भी नहीं बची है, जिस भी सड़क पर लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन की नजर पड़ी वह सड़क अब बदहाली के आंसू बहा रही है, शहर में निगम क्षेत्र के अन्तर्गत कुल 48 वार्ड है लेकिन वर्तमान में हालत यह है कि आधे से ज्यादा वार्ड की लगभग सभी सड़के खुद चुकी है, जो वार्ड बाकी हैं वहां की सड़के खोदने का भी खाका तैयार किया जा चुका है, बारिश का मौसम भले ही चला गया है लेकिन शहर में रह-रहकर अब भी बारिश होती रहती है जिसके कारण बारिश के पानी के चलते खुदी हुई सड़को और यहा वहा पड़े मलबे की वजह से हर तरफ कीचड़ और दलदल की स्थिति बन रही है, 

लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन के गुर्गे बात करने का तरीका तक भूले 

जब भी कोई रहवासी या आमजन इस समस्या को लेकर लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन के कर्मचारियों से बात करता है तो कंपनी के कर्मचारी ठीक ढंग़ से बात तक नही करते और ना किसी की बात सुनने को तैयार होते है, कोई कुछ बोलता है तो और उलटा जवाब देते है कहते की हमारी जहा शिकायत करना है करो तुम हमारा कुछ नही कर पाओगे, हर तरफ कंपनी मनमानी कर रही है जहा मर्जी आये सड़को को खोदा जा रहा है, नरसिंहपुर रोड पर तो छिंदवाड़ा नरसिंहपुर सड़क की कितनी बेतरतीब तरीके से खोद दी गई है कि दोबारा उस सड़क का बनना भी मुश्किल नजर आ रहा है, सीवरेज लाइन बिछाने के काम में चेहरा देखकर भी बकायदा काम किया जा रहा है, कलेक्ट्रेट के सामने की सड़क को व्यवस्थित तरीके से वापस बना दिया गया वही वसंत कॉलोनी में भी कुछ इस तरह का काम नजर आया, लेकिन बाकी क्षेत्रों में उसको जैसे का तैसा छोड़ दिया गया, यही हालात वर्तमान में वार्ड न 39 विवेकानन्द कॉलोनी के है यहा भी मन मुताबिक नई सड़को को खोद कर पूरी तरह तहस नहस कर दिया गया है, 

गुरीया सब्जी मंडी के हालत बेहद ख़राब , महज 3 से 4 फिट बची रोड, सेकड़ो वाहन रोजाना चलते है इस रोड पर 
  
शहर सबसे ज्यादा चलने वाली गुरीया सब्जी मंडी रोड के हाल तो इस कंस्ट्रक्शन कंपनी ने तो रिपेयरिंग के नाम पर खाना पूर्ति  दिखावे के लिए गड्डो में मट्टी के ऊपर ही सिमेंट की एक पतली लेयर बिछा दी गई, रिपेरिंग का कार्य इतना निम्न स्थर का हुआ की सड़के छोटे वाहनों का बजन भी नही सहन कर पाई और बनने  के दो दिन के भीतर ही निचे जमीन में धस गई जिससे फिर वापस बड़े बड़े गड्डे बन गए है, वही कई जगह तो ऐसी है जहा जरुरत नही थी वहा भी चेंबर बना दिए गए जो बेकार साबित हो रहे है, सड़क का मलबा तक उठा कर नही फेका जा रहा है, काम के दौरान ना सड़क को बंद किया जाता है और ना किसी प्रकार की बैरिकेटिंग की जाती है सुरक्षा का जरा भी ध्यान कंपनी के द्वारा नही रखा जा रहा है, रात के समय कई लोग सड़क दुर्घटना का शिकार भी हो चुके है, यही स्थिति लगभग पुरे शहर में दिखाई पड़ रहे है, 

प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं कंपनी पर

इन दिनों हालात यह है की लक्ष्मी कांट्रेक्शन बेलगाम हो गई है इसपर प्रशासन का भी कोई नियंत्रण नजर नही आ रहा है, नगर निगम के कार्यपालन यंत्री को इस काम की जिम्मेदारी दी गई है, वही इस पुरे प्रोजेक्ट के इंचार्ज है, लेकिन वह भी फिलहाल अस्वस्थ है, ऐसी स्थिति में कंपनी के काम की मॉनिटरिंग भी नही हो पा रही है, इस बीच बड़ी बेतरतीब तरीके से शहर को जगह-जगह सड़क पर गड्ढे खोदे जा रहे हैं, गौरतलब है कि शहर में सीवर लाइन बिछाने का ठेका लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है करोडो रुपये के इस काम में कंपनी को लाइन बिछाने के बाद सड़क की मरम्मत करके पुरानी स्थिति में तैयार करके भी देना है, लेकिन कंपनी के कर्मचारी सिर्फ सड़क खोदने के काम को पूरी मुस्तैदी के साथ कर रहे हैं, सड़क वापस बनाने की तो छोड़ो कंपनी ठीक ढंग़ से गड्डो में मिट्टी तक नही पुर रही है, गड्डो के चलते सड़को पर पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है, शहर का हर नागरिक लक्ष्मी कंस्ट्रक्शन की  लापरवाही और मनमानी से परेशान है।