रजत पालकी में विराजी मां जिनवाणी

रजत पालकी में विराजी मां जिनवाणी

रजत पालकी में विराजी मां जिनवाणी

भव्यता के साथ हुआ तिलक महा महोत्सव , रजत पालकी में विराजी मां जिनवाणी

चौरई: धर्म नगरी चौरई में विगत 49 दिनों से हो रहे तारण  तरण जैन समाज के आराध्य , प्रातः स्मरणीय ,शुद्धात्म क्रांति के अग्रदूत , तू स्वयं भगवान है का संदेश देने वाले , मंडलाचार्य की उपाधि से विभूषित जन जन के आत्मकल्याण के मार्ग को प्रशस्त करने वाले , जिनेन्द्र भगवंतों की जिन देशना को आत्मसात कर शुद्धात्म रस से ओतप्रोत 14 ग्रंथो का संकलित ग्रंथ अध्यात्मवाणी के रूप में देने वाले संत प्रवर श्रीमद् जिन तारण स्वामी की "जिनवाणी " की वांचना का समापन तिलक महा महोत्सव  धूम धाम से हुआ। महोत्सव की शुरुआत प्रातः ध्यान सामयिक के साथ 5:30 बजे हुई इसके बाद 8 बजे तक भाव  पूजा का मंदिर हुआ। फिर युवारत्न​ बाल ब्रह्मचारी दशम प्रतिमा धारी आत्मानंद जी महाराज का संबोधन जिसमें उन्होंने तारण पंथ ,तारण संत , तारण मंत्र , तारण ग्रंथ एवम् तारण झंडे का आध्योपांत विवेचन किया। इस धर्म सभा को श्रद्धेय परमानंद जी , श्रद्धेय मुक्तानंद जी , श्रद्धेय चिदानंद जी , श्रद्धेय सदानंद जी महाराज एवं बाल ब्रह्मचारी वैराग्य जी , रजत जी , मनीष जी विभूति दीदी एवं अंजू दीदी के साथ ही ब्रह्मचारी सुरेश भैया , ब्रह्मचारिणी सुषमा दीदी , गुड्डी दीदी सहित,  पंडित जयचंद जी छिंदवाड़ा एवं श्रीमंत सेठ कंछेदी लाल जी ( गंजबासोदा ) ने संबोधित कर 49 दिवसीय अध्यात्मवाणी जी वांचना समारोह जो कि नगर के तारण समाज के सर्वेश हार्डवेयर वाले श्री सत्येन्द्र कुमार , सर्वेश कुमार , सिद्धार्थ कुमार एवं समस्त गोहिल्ल परिवार द्वारा अपने पूर्वजों स्मृति शेष कंठीसाव एवं सोनाबाई के सुपुत्र  स्मृति शेष  मोहकमचंद एवं गिंदिया बाई जैन कि पावन मंगल भावना के अनुरूप किया गया । इसके पश्चात आयोजक परिवार के निवास पर स्वलपाहार पश्चात रजत पालकी में जिनवाणी जी को विराजमान कर जब  नगर में शोभायात्रा निकली तो पूरा वातावरण पीताम्बर मय , धर्ममय हो कर जय जयकारों से गूंज उठा । इस शोभा यात्रा की शोभा बढ़ाने में तारण तरण युवा परिषद, बालिका मंडल,महिला मंडल एवं तारण तरण पाठशाला के बच्चों सहित समाज के बुजुर्गों, युवाओं, बच्चों एवं माताओं बहनों ने अपना अविस्मरणीय योगदान दिया। इस शोभायात्रा का समापन चैत्यालय जी पहुंचकर हुआ । जहां तीर्थंकर भगवंतो की आराधना एवं देवगुरु शास्त्र की भक्ति संगीत में सुमधुर भजनों, मनमोहक नृत्यों एवं भाव भक्ति सहित मंदिर विधि के माध्यम से हुई जिसमें भजन मंडल ने सभी उपस्थित जनों को भक्ति भाव में झुमाकर आनंद विभोर कर दिया। इसके बाद आरती एवं तिलक प्रभावना में सभी ने पुण्य अर्जित किया। शिक्षक मुकेश कुमार जैन बताते हैं कि आयोजक परिवार द्वारा समस्त श्री संघ का सम्मान एवं सकल समाज के पदाधिकारियों अध्यक्ष  विनोद जैन, उपाध्यक्ष  संजय सुकांत, कोषाध्यक्ष  मनोज जैन, सचिव  पूनमचंद जैन, सह सचिव  सिद्धार्थ जैन, द्वारा आयोजक परिवार का सम्मान किया गया एवं इसका मंच संचालन युवा परिषद के पूर्व अध्यक्ष  कमलेश कांत जैन द्वारा किया गया अंत में समस्त अतिथियों समाज जनों एवं नगर के प्रतिष्ठित जनों,पत्रकारों एवं अन्य स्थानों से पधारे समाज जनों ने आयोजक परिवार की पात्र भावना का आनंद लिया ।। संपूर्ण कार्यक्रम में सेठ नोखेलाल जी गोरैया, सेठ उत्तम चंद जी झिलमिली,  नवीन जैन नगर पालिका अध्यक्ष अमरवाड़ा नगर के दानपत सुभाष भाई जी लोकाश मासब, दानपत जितेंद्र जैन, अभिनंदन मासब, विकास खंड शिक्षा अधिकारी श्री पी के जैन, मोहित राज, मोनम राज जैन सहित पूर्व युवा परिषद अध्यक्ष  तारण जैन सहित समस्त समाज जनों की सक्रिय उपस्थिति रही