प्रशासन की लापरवाही से खराब हुआ किसानो का 14000 मीट्रिक टन गेहूं

14000 MT wheat of farmers spoiled due to negligence of administration

प्रशासन की लापरवाही से खराब हुआ किसानो का 14000  मीट्रिक टन गेहूं
रिपोर्ट - सतीश राय, केवलारी / सिवनी

प्रशासन की लापरवाही से खराब हुआ 1400 मीट्रिक टन गेहूं

 सिवनी।  एक तरफ मध्य प्रदेश सरकार किसान हितों में काम करने के बड़े-बड़े दावे कर रही हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश को गेहूं उपार्जन में प्रदेश में नंबर वन बनाने वाले किसानों की 14हजार मेट्रिक टन गेंहू बरसात में सड़ा दी जाती है। प्रशासन व प्रबंधकों की लापरवाही का खामियाजा किसानो को भुगतना पड़ रहा है। वही किसान का बारिश से भीगा हुआ गेंहू रिजेक्ट कर कर दिया गया  है जिससे उनकी फसल का भुगतान नहीं हो पा रहा है अब ऐसे में  किसान अपनी परेशानी का दुकड़ा किस को सुनाये । 

 


पूरा मामला सिवनी जिले के केवलारी विकासखंड का है जहां गेहूं उपार्जन केंद्र अहरवाड़ा के प्रबंधक व परिवहनकर्ता की लापरवाही से लगभग 655 क्विंटल गेहूं बरसात के पानी में भीगने से पूर्णतः खराब हो गया व लगभग 2025 कुंटल गेहूं वेयरहाउस द्वारा रिजेक्ट कर दिया गया। केंद्र प्रबंधकों कि यह लापरवाही प्रशासन  को दिखाई नहीं दे रही है बल्कि प्रशासन  लापहवाहो पर मेहरबान नजर आ रहा है।

बात की जाये तो शासकीय गेहूं उपार्जन केंद्र अहरवाड़ा की तो क्षेत्रीय किसान यहां के प्रबंधक राजेंद्र ठाकुर की कार्यशैली से त्रस्त हो चुके हैं। हर सीजन में प्रबंधक द्वारा गेहूं तलाई के नाम पर कमीशन की मांग की जाती रही है इसके साथ ही इसी उपार्जन केंद्र के कर्मचारियों ने भी प्रबंधक राजेंद्र ठाकुर पर अनेक बार आरोप लगाते हुए प्रबंधक को हटाने की मांग की है फिर भी मौन प्रशासन के आगे अब अपनी गाथा किसको सुनाये किसान।