करोड़ो रुपए खर्च, उम्मीदों पर फिरा पानी, जाच की उठ रही मांग...

Crores of rupees spent, water on expectations, demand rising

करोड़ो रुपए खर्च, उम्मीदों पर फिरा पानी, जाच की उठ रही मांग...
रिपोर्ट। दुर्गेश नरोटे, छिंदवाड़ा

करोड़ो रुपए खर्च, उम्मीदों पर फिरा पानी, जाच की उठ रही मांग...

भृष्टाचार उजागर होने पर भी ब्लैक लिस्ट नहीं कर पाते ठेकेदारों को आलाअधिकारी ......

छिन्दवाड़ा। शहर में खेल मैदानों के पुनर्निर्माण में किया जा रहा भ्रष्टाचार चरम पर है और जिम्मेदार फिर भी इस और कोई ध्यान नही दे रहे हैं, इंदिरा गांधी क्रिकेट मैदान शुक्ला ग्राउंड में मैदान निर्माण और पिच बनाये जाने का काम पिछले एक साल से अधिक समय से चल रहा है, जो अब तक पूरा नही हो सका है, मैदान आज भी खिलाड़ियों के खेलने के लिए तैयार नहीं है, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मुहैय्या कराने के लिए इंदिरा गांधी क्रिकेट मैदान के पुनर निर्माण के लिए करोड़ों रुपए की राशि स्वीकृत कर खिलाड़ियों के लिए ग्राउंड में बेहतर सुविधाएं मिले इसे देखते हुए यहा नए सिरे से कार्य शुरू कराया था, करोडो रूपये की लागत से जो काम होना था उसमे मैदान में नई पिच बनाई जानी थी, खिलाड़ियो के साथ मैदान की सुरक्षा के मद्देनजर चारो तरफ बाउंड्री वॉल से कवर किये जाने के साथ दर्शक दीर्घा के निर्माण के साथ अन्य कार्य होने थे, मगर आज एक साल होने को है मैदान का कार्य पूरा नही हुआ है, निर्माण एजंसी ने पूर्व मुख्यमंत्री की मंशा पर पानी फेर दिया है, साथ ही खिलाड़ियो और क्रिकेट प्रेमियो में मायूसी है, उसका सबसे बड़ा कारण है मैदान निर्माण में किया गया भ्रष्टाचार जो आज खुलकर दिखने लगा है, विगत दिनों हुई जरा सी बारिश में मैदान में बनी नई बाउंड्री वॉल का कुछ हिस्सा गिर गया, मैदान के अंदर जहा तहा पानी भर रहा है, ड्रेनेज सिस्टम का कही अता पता नही है, ठीक ढंग से लाखो रूपये की लागत की घास भी नही लग पाई है, लाईट बंद है, मैदान में अब भी कई जगह गड्ढे हैं जहां खिलाड़ी नहीं खेल सकते, जिम्मेदार अधिकारियो को इस और ध्यान देते हुए गुणवत्ताहिन्  निर्माण कार्यो की जाच करनी चाहिए और अगर जाच में कही से भी भ्र्ष्टाचार एव घटिया निर्माण की बात सामने आती है तो निर्माण एजन्सीओ पर सख्त से सख्त कार्यवाही करनी चाहिए साथ ही जल्द से जल्द निर्माण का कार्य पूरा कर खिलाड़ियो के खेलने हेतु मैदान को खोला जाना चाहिए।

खिलाड़ियो की उम्मीदों पर फिरा पानी...

मैदान निर्माण में खिलाड़ियों के साथ धोखा हुआ है, पिछले एक साल से ज्यादा समय से खिलाड़ी क्रिकेट प्रेक्टिस नहीं कर पा रहे हैं, खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि उन्हें क्रिकेट के लिए बेहतर सर्व सुविधा युक्त मैदान मिलेगा, लेकिन मैदान निर्माण में इतनी लापरवाही हुई कि मैदान आज तक खेलने के लिए तैयार नहीं हुआ है, जबकि मैदान के पुनर्निर्माण के बाद भी इस मैदान में मेंटेनेंस के नाम पर हर महीने हजारों रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

अन्य मैदानो में नही है पर्याप्त व्यवस्थाएं, शाम से लेकर देर रात तक ओपन बार में हो जाते है तब्दील...

शहर के जो अन्य मैदान है वहा खिलाड़ियो के लिए कोई व्यवस्था नही है, क्रिकेट के लिए जो सुविधाये होनी चाहिए वो शहर के अन्य मैदानों में नही है, चाहे दशहरा मैदान हो या लाल ग्राउंड हो या इनर ग्राउंड किसी भी मैदान में प्रयाप्त व्यवस्थाये नही है, इन मैदानों में शाम से लेकर देर रात तक असमाजिक तत्वो और शराबियो का जमावड़ा लगा रहता है, रात के अँधेरे में खुलेआम मैदानों में शराबखोरी होती है, मैदान ओपन बार में तब्दील हो जाते है, शराबी शराब पिने के बाद मैदान में ही कांच की बोतले फोड़ देते है जिससे  मैदान में हर तरफ कांच के टुकड़े बिखरे साफ देखे जा सकते है साथ ही पानी पाउच डिस्पोजल से गंदगी फैलाई जाती है, इस स्थिति में खिलाड़ियो का का मैदान में खेलना संभव नही है, खेलने के दौरान कांच की फूटी बोतलो से चोटिल होने का अंदेशा बना रहता है, सुबह और शाम के समय मैदानों में वॉक करने आने वाले बुजुर्गो को भी इन्ही सब समस्याओ से दो चार होना पड़ता है, जिम्मेदार लोगो को इस और ध्यान देना चाहिए साथ ही शराबियो और असमाजिक तत्वो पर सख्त से सख्त कार्यवाही कर मैदानों में हो रही शराबखोरी पर रोक हेतु उचित कदम उठाये जाने चाहिए।