शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबरः जाम छलकाना होगा महंगा

शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबरः जाम छलकाना होगा महंगा

शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबरः जाम छलकाना होगा महंगा

शराब प्रेमियों के लिए बुरी खबरः जाम छलकाना होगा महंगा, सरकार को होगा 500-600 करोड़ का मुनाफा

एक्साइज ड्यूटी के कारण शराब महंगी हो सकती है

आबकारी विभाग के अधिकारी के मुताबिक 'नई आबकारी नीति के तहत शराब में लगने वाली एक्साइज ड्यूटी के कारण शराब महंगी हो सकती है. प्रदेश में शराब ठेका महंगा होने के कारण शराब की कीमत में 5 से 10 फीसदी तक बढ़ोत्तरी होगी. जिसके बाद शराब निर्माता और ठेकेदारों को शराब की नई कीमत तय करना होगा.' जानकारी के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब देशी शराब की कीमतों में 5 प्रतिशत तो विदेशी शराब की कीमतों पर 7 से 10 फीसदी तक इजाफा हो सकता है.

आर्थिक संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार ने खजाने भरने के लिए अब नया रास्ता खोज निकाला है| इसके लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने भारत और विदेशों में बनी शराब की एमआरपी  में पांच प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है। शराब कारोबारियों को 'लाभ' पहुंचाने के लिए शराब को महंगा करने का फैसला किया गया है। 20 सितंबर को राज्य सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल और शराब पर पांच फीसदी की दर से वैट बढ़ाया था। जिससे शराब कारोबिरयों को जारी किए गए टेंडरों की लागत भी बढ़ गई थी। अब इसकी भरपाई के लिए सरकार ने एमआरपी पर पांच फीसदी का इजाफा करने का फैसला किया है यह आदेश 22 सितंबर से लागू माना जाएगा। आर्थिक संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार ने खजाने भरने के लिए अब नया रास्ता खोज निकाला है। दरअसल, इस बार मानसून में प्रदेश में करीब 6 हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए भी कमलनाथ सरकार को मोदी सरकार से खास मदद नहीं मिली है। मानसून में हुई आर्थिक हानी को पूरा करने के लिए सरकार ने सितंबर में पांच फीसदी वैट बढ़ाया था। लेकिन इससे भी बात नहीं बनी, सरकार को अन्य संसाधनों की जरूरत है जिससे वित्तीय हालात ठीक किए जा सकें। वहीं, वैट बढ़ाए जाने से शराब कारोबारियों को भी काफी नुकसान हो रहा था। क्योंकि इस वृद्धि की राशि उनसे ही वसूली जानी है।सरकार के इस फैसले को लेकर शराब कारोबारियों ने वैट में हुई वृध्दि से राहत देने की मांग भी की थी और यह मुद्दा भी काफी उठाया गया था। इसके बाद अब एमआरपी पर पांच प्रतिशत बढ़ाने का नर्णय लिया गया है। विभाग के प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव ने बताया कि वैट में जो वृद्धि की गई थी, उसी अनुपात में एमआरपी में बढ़ोतरी की गई है। इससे शराब कारोबारियों ने जिस दर पर टेंडर लिया था, उसकी लागत बढ़ गई। एमआरपी बढ़ने से शराब की कीमत पांच प्रतिशत तक बढ़ जाएगी और जो आय होगा, उससे कारोबारियों के ऊपर आए अतिरिक्त वित्तीय भार की पूर्ति हो सकेगी।

शराब सेहत के लिए हानिकारक है- MP सरकार

बता दें इस मीटिंग में राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य भी तय किया जा सकता है. वहीं सरकार कैबिनेट मीटिंग में शराब के ठेकों के स्थान पर भी चर्चा कर सकती है. बता दें इससे पहले शिवराज सरकार ने गर्ल्स स्कूल, छात्रावास, धार्मिक स्थल और हाईवे से 50 मीटर की दूरी तक शराब की दुकाने खोलने पर प्रतिबंध लगाया था. इसके साथ ही सरकार ने शराब की बोतलों पर 'शराब सेहत के लिए हानिकारक है' लिखवाने का भी आदेश जारी किया था.