एक तरफ लॉक डाउन, दूसरी तरफ कई इलाको में आसानी से उपलब्ध हो रही शराब...
Chief Minister Shivraj Singh Chauhan directed on Friday that all the domestic and foreign liquor shops in the state will be closed immediately ..
- एक तरफ लॉक डाउन, दूसरी तरफ कई इलाको में आसानी से उपलब्ध हो रही शराब...
- Liquor Shops Close : मध्य प्रदेश में शराब दुकानें बंद, मुख्यमंत्री ने लिया फैसला....
- शराब की कोई दुकान खुली मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी.... शिवराज
- शराब फैक्ट्रियों में बनेंगे सैनिटाइजर.....
छिन्दवाड़ा - इधर कोरोना वायरस के चलते 21 दिन के लिए पूरा शहर लॉक डाउन है, देशी विदेशी शराब दुकानों के साथ अन्य बड़े शो रूम शॉपिंग मॉल सहित पूरा मार्केट पूरी तरह बंद है। शहर के लगभग ज्यादातर लोग अपने अपने परिवार के साथ घरो के अंदर ही है। शहर में जहा भी नजर दौड़ाओ अगर कुछ दिखाई और सुनाई दे रहा है तो वो है बस पुलिस की मौजूदगी और पुलिस वाहनों का सायरन, पुलिस के इस कड़े पहरे के बावजूद इस लॉक डाउन के बीच शहर के कई ऐसे अंदरुनी इलाके है जहा शाम से देर रात तक शराब खोरी करते कई लोगो को देखा जा सकता है, अब बड़ा सवाल ये है की जब सब बंद है तो फिर लोगो को इतने आसानी से शराब कैसे मिल रही है, जब हमने एक मदिरा प्रेमी से बात की और इस सम्बन्ध में जानकारी जुटाई तो उसने नाम नही बताने की शर्त पर बताया की लॉक डाउन के बीच भी शहर के कई ऐसे इलाके है जहा कुछ लोग आसानी से शराब उपलब्ध करा रहे है, शराब उपलब्ध कराने वालो ने शराब की होम डिलिवरी तक शुरू कर दी है, चाहे देशी हो या विदेशी हर ब्रांड की शराब मदिरा प्रेमियो को आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है बस फर्क इतना है की सामान्य दिनों की अपेक्षा शराब तीन गुने महंगे दाम पर मिल रही है, हर बोतल पर सौ से डेर सौ रुपये ज्यादा लिए जा रहे है। पुलिस प्रशासन को चाहिए की वो इस और भी ध्यान दे और शहर के ऐसे इलाके जहा लॉक डाउन में भी लोग खुलेआम शराब खोरी कर रहे है ऐसे तत्वो के खिलाफ भी अभियान चला कर सख्त से सख्त कार्यवाही करे जिससे की शहर का माहौल शांति पूर्व बना रहे।
मध्य प्रदेश शराब के लिए मुख़्यमंत्री के निर्देश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को निर्देश दिए कि राज्य में सभी देशी और विदेशी शराब की दुकानों को तत्काल बंद कराया जाएगा.....
पिछले तीन-चार दिन से चली आ रही स्थिति को दूर करते हुए शिवराज सरकार ने शनिवार से शराब दुकानें बंद करने का निर्णय कर लिया। कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए पूरे प्रदेश में लॉकडाउन के बावजूद शराब मिलने की शिखायत आ रही थी । यहां लोगों की भीड़ भी जमा हो रही थी, जिससे संक्रमण का खतरा था। मध्य प्रदेश में ढाई हजार से ज्यादा देसी-विदेशी शराब दुकानें हैं। इनके ठेके 31 मार्च को समाप्त हो रहे हैं। यह निर्णय शुक्रवार को लिया गया। सूत्रों के मुताबिक, वाणिज्यिक कर विभाग 31 मार्च को समाप्त हो रहे ठेकों के मद्देनजर शराब दुकानों को बंद करने के पक्ष में नहीं था। यही वजह है कि इस मामले को लगातार टाला जा रहा था।
गुरुवार को ही विभाग ने पहले नई आबकारी नीति के तहत 2020-21 के लिए दुकानों के ठेके देने की प्रक्रिया को स्थगित करने के निर्देश दिए थे और एक घंटे बाद ही इसे निरस्त कर दिया। जबकि, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले से ही शराब दुकानों की संख्या घटाने के पक्षधर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने भी उन्हें ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश में कोरोना के बावजूद शराब दुकानें खुली हैं। कृपया हमारे प्रदेश की तरह वहां में भी दुकानें बंद करवा दें। चौहान ने इसका जवाब देते हुए कहा कि सभी शराब दुकानों को बंद करने के आदेश पहले ही जारी हो चुके हैं। प्रशासन इस आदेश का उल्लंघन करने वालों से सख्ती से निपटेगा।
देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन, तबतक एमपी में बंद रहेंगी शराब की दुकानें
सिनेमा घरों को भी 14 अप्रैल तक बंद रखने के आदेश
मध्य प्रदेश में अबतक कोरोना वायरस के 33 मरीज, दो की मौत
सरकार ने जारी की है 15 फरवरी के बाद विदेश से लौटने वालों की लिस्ट
शराब फैक्ट्रियों में बनेंगे सैनिटाइजर....
शिवराज सरकार ने शुक्रवार को राज्य की 11 डिस्टिलरीज में सैनिटाइजर और स्पिरिट का प्रोडक्शन करने के आदेश दिए। बनने के बाद, इनकी सप्लाई पहले भोपाल और इंदौर में होगी, फिर पड़ोसी जिलों में भेजा जाएगा। 90 मिलीलीटर वाले सैनिटाइजर की बोतल 50 रुपये और 180 ML वाले सैनिटाइलर की बोतल 90 रुपये तय की गई है। पूरी सप्लाई चैन की निगरानी आबकारी विभाग के डिविजनल कमिश्नर और डिप्टी कमिश्नर करेंगे।

दीपक कोल्हे / अनिमेष सिंग ( CTN भारत डायरेक्टर )


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