आखिर 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस, जानें
Like every year, this time also we are ready to celebrate our Republic Day on 26 January. This year we will celebrate our 71st Republic Day. Let's know some important facts related to this day.
26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
हर साल की तरह इस बार भी हम अपना गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाने के लिए तैयार हैं। इस साल हम अपना 71वां गणतंत्र दिवस सेलिब्रेट करने जा रहे हैं। इस खास दिन के लिए देश की राजधानी दिल्ली समेत देश के कोने-कोने में तैयारियां जोरो-शोरो पर हैं। स्कूल-कॉलेजों में इस दिन आयोजित होने वाले प्रोगाम के लिए स्टूडेंट्स तैयारियों में जुटे हैं। इन सबके बीच में आपके मन ये सवाल आता होगा कि आखिर 26 जनवरी को ही हम ‘रिपब्लिक डे (Republic Day 2020) क्यों मनाया जाता है तो आइए जानते हैं।
26 जनवरी का इतिहास
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में ये प्रस्ताव पारित करते हुए यह घोषणा की गई कि 26 जनवरी 1930 तक यदि अंग्रेज सरकार भारत को स्वयत्तयोपनिवेश(डोमीनियन)पद नहीं देगी,जिससे कि ब्रिटिश साम्राज्य होते हुए भी भारत स्वशासित एकाई बन जाता, तो स्वयं ही भारत खुद को पूर्णतः स्वतंत्र घोषित कर देगा। लेकिन ब्रिटिश सरकार के तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया। तो जैसा कि अधिवेशन में तय हुआ था कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वतंत्रता का निश्चय लिया और इसकी घोषणा कर दी फिर शुरू हुआ सक्रिय आंदोलन ।1930 से लेकर 1947 तक 26 जनवरी को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाया जाता रहा। इसके बाद भारत के वास्तविक दिन 15 अगस्त को स्वतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। 26 नवंबर 1949 को डॉ राजेंद्र प्रसाद जो कि संविधान सभा के अध्यक्ष थे भारत का संविधान उनके सुपुर्द किया गया। इसलिए 26 नवंबर को प्रतिवर्ष भारत का संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। काफी बदलाव और सुधारों के बाद संविधान सभा के सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 के दिन संविधान पर हस्ताक्षर किए ।ठीक 2 दिन बाद यानी 26 जनवरी 1950 को पूरे देश में संविधान लागू हो गया ।संविधान निर्मात्री सभा( कांस्टीटयूएंट असेंबली )द्वारा 26 जनवरी का महत्व बनाए रखने के लिए भारत के संविधान को गणतंत्र स्वरूप मान्यता प्रदान की गई।

गणतंत्र (गणराज्य)
गणराज्य एक ऐसा देश होता है जहां के शासन तंत्र में सैद्धांतिक रूप से देश के सर्वोच्च पद पर आम जनता में से कोई भी व्यक्ति पदाआसीन हो सकता है। इस तरह के शासन तंत्र को गणतंत्र कहा जाता है। लोकतंत्र या प्रजातंत्र इससे अलग होता है लोकतंत्र वह शासन तंत्र होता है जहां वास्तव में सामान्य जनता या उसके बहुमत की इच्छा से शासन चलता है। आज विश्व के अधिकांश देश गणराज्य हैं और इसके साथ-साथ लोकतांत्रिक भी हैं। भारत भी लोकतांत्रिक गणराज्य है।

शान तेरी कभी कम ना हो
भारत का राष्ट्रीय ध्वज "तिरंगा"। केसरिया ,सफेद और हरे रंग का, सफेद पट्टी के मध्य गहरे नीले रंग का चक्र 24 आरे लिए हुए। इन सब को मिलाकर बनता है "तिरंगा" जो प्रत्येक भारतवासी की शान है ।इस तिरंगे की आन ,बान और शान को बरकरार रखने के लिए भारत के वीरों ने अपनी जान निछावर कर दी और करते रहेंगे । अपना खून बहा के बस यही चाहा है शान तेरी कम ना हो।

"तू यूं ही शान से लहराता रहे
हम जीते जी तुझे सलाम करते रहेंगे"
और
"तेरी शान की सलामती के खातिर
शहीद हो गए तो खुद को खुशनसीब समझेंगे क्योंकि कफन में तिरंगे में जो लिपटे होंगे"।
जय हिंद


Comments (0)
Facebook Comments