लंबे समय तक बैंक की ओर से धनराशि वापस न किए जाने और कर्मचारियों द्वारा उचित सहयोग न मिलने के कारण एडवोकेट कीर्ति तिवारी द्वारा उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई।

The Consumer Forum, taking into account all the facts and evidence, ruled that Kotak Mahindra Bank and its employees should refund the entire ₹100,000 to Mr. Anand Raghuvanshi within 30 days.

लंबे समय तक बैंक की ओर से धनराशि वापस न किए जाने और कर्मचारियों द्वारा उचित सहयोग न मिलने के कारण एडवोकेट कीर्ति तिवारी द्वारा उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई।
Advocate Kirti Tiwari

छिंदवाड़ा जिले के चौरई निवासी श्री आनंद रघुवंशी द्वारा गलती से ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) ऑनलाइन ट्रांसफर हो गए थे। पीड़ित द्वारा तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 में शिकायत दर्ज की गई, जिसके आधार पर कोटक महिंद्रा बैंक एवं केनरा बैंक द्वारा राशि पर रोक (Hold) लगाई गई।

लंबे समय तक बैंक की ओर से धनराशि वापस न किए जाने और कर्मचारियों द्वारा उचित सहयोग न मिलने के कारण एडवोकेट कीर्ति तिवारी द्वारा उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज कराई गई।

उपभोक्ता फोरम ने सभी तथ्यों एवं प्रमाणों का संज्ञान लेते हुए निर्णय सुनाया कि कोटक महिंद्रा बैंक एवं उसके कर्मचारियों द्वारा 30 दिनों के भीतर ₹1,00,000 की पूरी राशि श्री आनंद रघुवंशी को वापस की जाए।

केस नंबर : CC/23/2025 (दिनांक 28 जनवरी 2025)

यह फैसला उन सभी नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है, जो साइबर लेनदेन के दौरान हुई अनियमितताओं या गलतियों के बाद जानकारी के अभाव में अपनी मेहनत की कमाई खो बैठते हैं।

कानून सबके लिए है, बस आवश्यकता है समय पर रिपोर्ट करने और अपने अधिकारों का उपयोग करने की।

किसी भी साइबर धोखाधड़ी, गलत खाते में धन हस्तांतरण या बैंक द्वारा असहयोग की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन — 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।

जाय हो फ़ाउंडेशन नागरिकों में साइबर सुरक्षा एवं कानूनी जागरूकता बढ़ाने हेतु निरंतर कार्यरत है।

एडवोकेट कीर्ति तिवारी ने कहा कि —“न्याय सबके लिए समान है। कानून में देर है, पर अंधेर नहीं।”

अधिक जानकारी एवं सहायता हेतु संपर्क कर सकते है,

प्रेषक :जय हो फ़ाउंडेशन छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश।।