सावधान! मिलावटखोरी पर होगी ताउम्र की कैद, मध्य प्रदेश सरकार का फरमान
careful! Adulteration will be imprisoned by Taumra, order of Madhya Pradesh government
सावधान! मिलावटखोरी पर होगी ताउम्र की कैद, मध्य प्रदेश सरकार का फरमान
अब राज्य में मिलावटखोरों को तीन साल के बजाय आजीवन कारावास होगा
भोपाल। प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनने के बाद एक के बाद एक अपराधियों और माफियो के खिलाफ लगातार मुहीम चलाई जा रही है वही खाने-पीने के सामान में मिलावट को रोकने और मिलावट खोरों के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh government) ने कड़ा एक्शन लिया है. राज्य में बड़े पैमाने पर मिलावटखोरी को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच शिवराज सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मिलावट एक भयानक अपराध है। खाद्य पदार्थों और दवाईयों में यहां तक कि कोरोना संक्रमण के इलाज के उपयोग होने वाले प्लाज्मा में और कोरोना की वैक्सीन में मिलावट के समाचार मिले हैं। इससे बड़ा अपराध हो सकता है क्या? यह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। यह किसी भी कीमत पर मध्यप्रदेश में नहीं चलने दिया जावेगा। इसके लिए भी कैबिनेट की बैठक में अध्यादेश का अनुमोदन किया गया है। भारतीय दण्ड संहिता की धारा 272, 273, 274, 275 और 276 में संशोधन कर 6 माह के कारावास और एक हजार रुपये तक के जुर्माने के स्थान पर आजीवन कारावास और जुर्माना प्रतिस्थापित किया गया है। मिलावट करने वाले को आजीवन कारावास होगा। इस अध्यादेश में मिलावट कर सामग्री बनाने वाले को दण्ड मिलेगा। व्यापारी को दण्ड नहीं मिलेगा। जहां वस्तु बनती है, दोषी उस कारखाने का मालिक होगा। उसे किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेंगे। जिन्दगी भर जेल में चक्की पीसनी पड़ेगी। नई धारा में 273(क) को जोड़ा गया है। जिसमें एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थ के विक्रय पर पांच साल का कारावास और एक लाख रुपये जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। मिलावट के खिलाफ जो जंग चल रही है उसमें यह कानून मिलावट रोकने का बहुत बड़ा माध्यम बनेगा।


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